रविवार, 11 जुलाई 2010

कड़वी लौकी से मौत


वो डायबिटीज से लड़ रहे थे
जिंदा रहने के लिए जूस पी रहे थे
लेकिन ...
कड़वी लौकी ने ले ली जान
दिल्ली में CSIR के वैज्ञानिक सुशील सक्सेना और उनकी पत्नी पिछले 4 साल से लौकी और करेले का जूस पी रहे थे। सुशील सक्सेना 27 साल से डायबिटीज के पेशेंट थे और उनकी पत्नी को डायबिटीज का खतरा था। शुगर को कंट्रोल में रखने के लिए वैज्ञानिक दंपति ने 23 जून को भी हर रोज की तरह लौकी और करेले का जूस तैयार किया। चूंकि सुशील सक्सेना डायबिटीज से पीड़ित थे लिहाजा उन्होंने 250 ml जूस लिया जबकि उनकी पत्नी ने सिर्फ 150 ml जूस पिया। जूस पीते वक्त उन्हें कुछ अजीब सा लगा क्योंकि जूस बाकी दिनों की अपेक्षा कड़वा था। लेकिन उन्होंने इसकी परवाह नहीं की। उन्हें नहीं पता था कि वो जूस की जगह मौत का घूंट पी रहे हैं। जूस पीने के तुरंत बाद वैज्ञानिक सुशील सक्सेना खून की उल्टियां करने लगे। उनकी पत्नी की भी हालत बिगड़ने लगी। वैज्ञानिक दंपति को रॉकलैंड अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन तब तक सुशील सक्सेना की तबीयत काफी बिगड़ गई थी। रॉकलैंड अस्पताल में सुशील सक्सेना की मौत हो गई। लेकिन डॉक्टरों ने उनकी पत्नी को बचा लिया। डॉक्टरों का कहना है कि कड़वी लौकी में टॉक्सिन होने की वजह से सुशील सक्सेना की मौत हुई।